संदेश

जून, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

फल और सब्जियां: वायरस से सुरक्षित रहने के लिए कैसे धोएं!

चित्र
फलों और सब्जियों को धोने के टीप्स: कोरोनावायरस तेजी से दुनिया के कई हिस्सों में फैल रहा है, और कोरोना के प्रकोप से बच्चने के लिए कई देशों ने पूर्ण लॉकडाउन किया हुआ है। सभी करोना से बच्चने के तरीके ढूंढ रहे हैं। वैज्ञानिक इसके प्रकोप से बचने के लिए वैक्सीन ढूंढ रहे है। सरकार की तरफ से सभी को यही हिमायत है कि सभी अपने घरों में सुरक्षित रहे। लोग सिर्फ जरूरी समान जैसे सब्जी, राशन, दूध और फल लेने ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या इन सब चीजों से तो करोना आपके घर में तो नही घुस सकता। एक्पर्ट्स की मानें तो आपकी रोजमर्रा की चीजों से अपको कोरोना का कोई खतरा नही है। लेकिन यह सब देने वाला व्यक्ति वायरस से संक्रमित हो सकता है या फिर किसी ओर संक्रमित व्यक्ति ने उसे छुआ हो। हम सब सब्जियां और फल रोज ही खरीदते है इसलिए सब्जियां धोना व साफ करना बहुत जरूरी है। हमें कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है।  बाहर से लाई गई फल-सब्जियों को कैसे धोएं:- 1. अपने मुहँ को अच्छें से ढ़के कोरोना से बच्चने के लिए कई सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए जब भी आप बाहर जाएं या फिर सब्जी लेने घर से नीचे ...

फिर से नई दौड़, फिर से नई कहानी शुरू करनी है

चित्र
फिर से अब जिंदगी की दौड़ शुरू करनी है कब तक रहेंगे यूं घरों में बंद  फिर से एक जंग शुरू करनी है फिर से घर से बाहर निकलने कि तैयारी शुरू करनी है  फिर से खुल रहें है दफ्तर, मौल और धार्मिक स्थल लेकिन बीमारी से खुद को बचाने की तैयरी शुरू करनी है फिर से मिलेंगे सबसे लेकिन  दोनों हाथों को जोड़कर बात शुरू करनी है फिर से करेंगे एक दूजे के सामने बैठ के बात  लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग की कहानी शुरू करनी है मुंह पर मास्क लगा के बात शुरू करनी है काम से दफ्तर तो जाएंगे लेकिन  बिना मतलब बाहर ना जाने की कहानी शुरू करनी है एक बीमारी ने करा दिया सब कुछ बंद  अब फिर से सब खोलकर  बीमारी से लड़ने की कहानी शुरू करनी है बचान है अपने को और अपनो को बीमारी से धोने है हाथ बार-बार साबुन से फिर से एक नई कहानी शुरू करनी है रूक गई थी जो जिंदगी घरों में बंद होकर  फिर से शुरू करनी है फिर से एक नही कहानी शुरू करनी है फिर से अब जिंदगी की दौड़ शुरू करनी है

भला कभी सोचा था क्या!

चित्र
भला कभी किसी ने सोचा था कि ऐसा भी होगा भला कभी सोचा था क्या ? कि इंसान ऐसे घरों में बंद हो कर रह जाएगा सोचा था क्या ? बच्चों का सड़कों पर खेलना रूक जाएगा कभी नहीं सोचा था ‌ना कि स्कूल हो जाएंगे बंद और ओनलाइन क्लासिस करने का आदेश मिलेगा सोचा था क्या ? वातावरण‌ इतना साफ हो जाएगा गंगा का पानी जिससे सरकार ना ‌साफ कर पाई वो अपने-आप ही इतना बदल कर साफ हो जाएगा आसमान का रंग बदल जाएगा पंछियों को उड़ाने के लिए प्रदूषण रहित आसमान मिलेगा सोचा ना था इस प्रदूषण रहित वातावरण में खुलकर सांस लेने की बजाय हमें अपने मुंह पर मास्क लगाएं रखने का आदेश मिलेगा कभा सोचा था क्या? ऐसे दिन भी आएंगे जहां लोगो को एक दूसरे से दूरी बना कर रखने के आदेश मिलेगा जो कभी ना सोचा था वो हुआ है हमें हमारी गलतियों का अहसास हुआ है पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ करते रहे अब इंसान का नुकसान हुआ है अब सोचते हैं कि सिखा जाएं इन गलतियों से कैसे सुधारें गलतियां जिनसे कुदरत को नुकसान हुआ है

कॉफी पाउडर और ओरिओ बिस्कुट से कैसे बनाएं डार्क चॉकलेट कैक!

चित्र
लॉकडाउन........ इस साल तो मानों सब अपने घरों में बंद हो कर रह गए हैं। जहां सभी लोग अपने घर में बैठे रह कर ऑफिस का काम कर रहे हैं। वहीं लोग अपने घर वालों के साथ समय बिता रहे हैं। यहीं नही लोग नई-नई खानें की चीजें बनाना सीख रहे हैं। जिसमें सबसे मशहूर है केक। जी हां, लॉकडाउन में सबसे ज्यादा बनाई जानी वाली चीज मानों केक है। सभी अपने-अपने हिसाब से इसे बना रहे हैं। कोई अंड़े वाला केक कोई बिना अंड़े वाला केक, कोई लोग केक को माइक्रोवेव में  बना रहा हैं तो कोई लोग बिना माइक्रोवेव के बना रहा है। चॉकलेट केक को देखकर तो हर किसी का मन लल्चा जाता है। हम आज देखेंगे घर पर बीना अंड़े केक कैसे बनाया जाता है। साथ ही कॉफी पॉउडर से डार्क चॉकलेट केक कैसे बनाया जाता है। तो नीचे अपके लिए दोनो ही चॉकलेट केक की रेसिपी है जिससे आप घर बैठे आसानी से केक बना सकते हैं। चॉकलेट केक के इंग्रेडिएंट्स- - बॉर्बन बिस्कुट / ओरिओ बिस्कुट / हाइड एण्ड सीक बिस्कुट / पोषक तत्वों की पसंद बिस्कुट / पार्ले जी / काजू नट्स बिस्कुट - इन सभी बिस्कुट को मिक्सर-ग्राइंडर में अच्छे से पीस कर इनका चूर्ण बना लें। - फिर इसमें...

लॉकडाउन में घरों में रहकर कर रहे है यह काम...

चित्र
कोरोना की परिस्थिति में लॉक्डाउन 1 फिर 2 से लेकर लॉक्डाउन 5 तक कितने ही लॉकडाउन आए ताकी हम सभी अपने-अपने घरों में सुरक्षित और स्वस्थ रहें। लेकिन घर पर रहनें का मतलब यह नहीं की हम कुछ भी ना करें। इसका मतलब हैं घर पर रहकर ही अपने सारे काम करना। अपने ऑफिस के काम से लेकर अपनी स्वास्थ का घर रहकर ध्यान रखना साथ ही अपने परिवार को भी समय देना। इस लॉकडाउन में सभी घर पर बंद होकर रह गए है। लेकिन देखा जाए तो इसके दूसरी तरफ इस लॉकडाउन के कई फ़ायदे भी हुए है। रोज़मरा की भागदोड़ से भरी जिंदगी से राहत मिली है अपने आप को जानने की चाहत मिली है। लोग अलग-अलग तरीके से अपना वक्त घर पर बीता रहे हैं। लॉकडाउन के कारण सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों कि पढ़ाई पर पड़ा है। इसकी वज़ह से अब पढाई आनलाइनन हो रही है। इसी के साथ ही आनलाइन परीक्षा भी ली जा रही हैं। देखा जाए तो आनलाइन कई काम हो रहे हैं। देश के नेता से लेकर ऑफिस के कर्मचारी तक सभी लोग आनलाइन रहकर काम कर रहे हैं। देश के नेता भी एक दूसरे से वीडियो कॉल पर एक राज्य से दूसरे राज्य के बारे में जानकारी ले रहे हैं। बड़ी-बड़ी बिजनेस डील सब आनलाइन हो रही हैं। घर पर रहकर अ...