फिर से नई दौड़, फिर से नई कहानी शुरू करनी है
कब तक रहेंगे यूं घरों में बंद
फिर से एक जंग शुरू करनी है
फिर से घर से बाहर निकलने कि तैयारी शुरू करनी है
फिर से खुल रहें है दफ्तर, मौल और धार्मिक स्थल
लेकिन बीमारी से खुद को बचाने की तैयरी शुरू करनी है
फिर से मिलेंगे सबसे लेकिन
दोनों हाथों को जोड़कर बात शुरू करनी है
फिर से करेंगे एक दूजे के सामने बैठ के बात
लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग की कहानी शुरू करनी है
मुंह पर मास्क लगा के बात शुरू करनी है
काम से दफ्तर तो जाएंगे लेकिन
बिना मतलब बाहर ना जाने की कहानी शुरू करनी है
एक बीमारी ने करा दिया सब कुछ बंद
अब फिर से सब खोलकर
बीमारी से लड़ने की कहानी शुरू करनी है
बचान है अपने को और अपनो को बीमारी से
धोने है हाथ बार-बार साबुन से
फिर से एक नई कहानी शुरू करनी है
रूक गई थी जो जिंदगी घरों में बंद होकर
फिर से शुरू करनी है
फिर से एक नही कहानी शुरू करनी है
फिर से अब जिंदगी की दौड़ शुरू करनी है

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