द्रौपदी मुर्मू बनी देश की दुसरी महिला राष्ट्रपति, जानिए भारत में कैसे होता है राष्ट्रपति चुनाव?
द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति होंगी। वे इस सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। गुरुवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई काउंटिंग में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की प्रत्याशी द्रौपदी ने यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (UPA) के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को तीसरे राउंड की गिनती में ही हरा दिया। चुनाव आयोंग के मुताबिक मुर्मू को 6,76,803% यानी 64.03% वोट मिले हैं। जबकि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 3,80,177 यानी 35.97% वोट प्राप्त हुए हैं।
द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 ओडिशा को मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में हुआ। वो आदिवासी संथाल परिवार से ताल्लुक रखतीं हैं। उनकी शादी श्याम चरण मुर्मू के साथ हुई। द्रौपदी मुर्मू ने एक टीचर के रूप में अपने करियर की शुरूआत की थी। फिर क्लर्क की नौकरी की। 1997 में पार्षद बनी। द्रौपदी 2000 और 2009 में भाजपा के टिकट पर जीती और मयूरभंज की रायगंज से दो बार विधायक बनी। मई 2015 से 2021 में झारखंड की राज्यपाल थी। झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनने का खिताब भी द्रौपदी मुर्मू के नाम रहा। इसी के साथ ही वह किसी भी भारतीय राज्य की राज्यपाल बनने वाली पहली आदिवासी भी हैं।
अब बात करें राष्ट्रपति के चुनाव की तो बहुत से लोगों को ये नहीं पता की राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है। भारत में राष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया कुछ ऐसी है। भारत के राष्ट्रपति के चुनाव का आयोजन चुनाव आयोग द्वारा किया जाता है। देश के राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से एक निर्वाचक मंडल प्रणाली (electoral college system) द्वारा किया जाता है। अप्रत्यक्ष यानी की इनडायरेक्टली जिसमें जनता वोट नहीं करती है।
देश के राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया में जनता द्वारा प्रत्येक राज्यों से चुने प्रतिनिधी वोट करते हैं। यानि की सांसद और विधायक वोट करते हैं। सांसद में दोनों सदन के लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट करते हैं। राष्ट्रपति के चुनव में राज्यसभा के मनोनीत सांसद भाग नहीं लेते हैं। राज्यसभा में 245 सदस्य होते हैं। जिनमें से 12 सदस्य ऐसे होते हैं जिन्हें खुद राष्ट्रपति मनोनीत या नामित करते हैं। ये इस प्रक्रिया में भाग नहीं लेते हैं।
इलेक्टोरल कॉलेज में संसद के 776 सदस्य और विधानसभा के 4809 सदस्य शामिल होते हैं। इसमें 10,86, 431 वोट शामिल होते हैं। राष्ट्रपति के पद के लिए उम्मीदवार को कम से कम 5,43,216 वोट जरूर चहिए होते हैं। हर एक वोट की अपनी एक कीमत होती है। अब इसमें हर सांसद और विधायक के वोट का मूल्य तय होता है। हर राज्य के विधायक को वोट मूल्य अलग-अलग होता है। राज्य की आबादी के हिसाब से हर विधायक और सांसदों का मूल्य तय किया जाता है। उत्तर प्रदेश में 1 विधायक का वोट मूल्य सबसे ज्यादा 208 है। जैसे की उत्तर-प्रदेश में कुल 403 विधायक हैं, तो सभी विधायकों का कुल वोट मूल्य 83, 824 होगा। अब वहीं सिक्कम में 1 विधायक का वोट मूल्य सबसे कम 7 हैं। 1 सांसद का वोट मूल्य 700 है। मतदान के बाद वोटों का मूल्य जोड़ा जाता है। सबसे ज्यादा वोटों के मूल्य मिलने वाला उम्मीदवार विजयी घोषित कर दिया जाता है।
राष्ट्रपति के वोट के लिए ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होता बल्की इसकी जगह पर बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही लोकसभा और राज्यसभा के मतपत्र को हरे रंग के मतपत्र दिए जाते हैं, वहीं विधायकों को गुलाबी रंग के मतपत्र दिए जाते हैं। विधायकों द्वारा राज्यों में डाले गए वोट और सभी मतपेटियों को फ्लाइट से दिल्ली लाया जाता है। अब इसमें सबसे अहम बात यह है कि फ्लाइट में बैलेट बॉक्स को यात्रियों के रूप में बुक किया जाता है क्योंकि सुरक्षा कारणों से उन्हें बैगेज एरिया में नहीं रखा जाता है।
भारत के राष्ट्रपतियों की सूची
1. राजेंद्र प्रसाद, एक कांग्रेस नेता, भारत के पहले राष्ट्रपति थे। उन्होंने 1950 से 1962 तक 12 वर्षों की अवधि के लिए कार्यालय में कार्य किया।
2. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे, जिन्होंने 1962 से 1967 तक सेवा की।
3. जाकिर हुसैन भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे जो दो साल तक इस पद पर रहे।
4. एक स्वतंत्र उम्मीदवार वीवी गिरी ने 1969-1974 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।
5. कांग्रेस नेता फखरुद्दीन अली अहमद भारत के पांचवें राष्ट्रपति थे। वह 1974 और 1977 के बीच कार्यालय में थे।
6. छठे भारतीय राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी थे। वह 1977 से 1982 तक शीर्ष पद पर रहे।
7. कांग्रेस नेता जैल सिंह ने 1982 से 1987 तक सातवें भारतीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
8. रामास्वामी वेंकटरमन भारत के आठवें राष्ट्रपति थे। उन्होंने 1987 और 1992 के बीच सेवा की।
9. कांग्रेस नेता शंकर दयाल शर्मा भारत के नौवें राष्ट्रपति थे और 1992 और 1997 के बीच सेवा की।
10. केआर नारायण ने 1997 और 2002 के बीच भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।
11. प्रसिद्ध वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम भारत के 111वें राष्ट्रपति थे। वह 2002 से 2007 तक इस पद पर रहे।
12. भारत की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल 2007 से 2012 तक इस पद पर रहीं।
13. कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। उन्होंने 2012 से 2017 तक कार्यालय में कार्य किया।
14. राम नाथ कोविंद भारत के वर्तमान और 14 वें राष्ट्रपति हैं जिनका कार्यकाल 25 जुलाई को समाप्त होने वाला है।

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