विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाए जाने का क्या कारण है और कौन-सी आदतों को बदलने की ज़रूरत है ?
हाइपरटेंशन यानी की हाई ब्लड प्रेशर की समस्या, आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बहुत बढ़ती जा रही है। हाइपरटेंशन की समस्या इतना आम होती जा रही है कि हर घर में एक व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर की दवाई ज़रूर खा रहा है। हाइपरटेंशन एक खतरनाक बीमारी है। इस बीमारी में धमनियों में रक्त का दबाव काफी बढ़ जाता है और इसके कारण रक्त की धमनियों में रक्त प्रवाह बनाए रखने के लिए ह्रदय को सामान्य से अधिक काम करने की जरूरत पड़ती है। एक सामान्य व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। लेकिन यदि ये 140/90 या उससे ज्यादा है तो ऐसी स्थिति को उच्च रक्तचाप यानी की हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है। इसके लक्षण नहीं दिखाई देते इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। हमारा बदलता लाइस्टाइल भी हाइपरटेंशन के होने का कारण हो सकता है। हार्ट अटैक पड़ने की बड़ी वज़ह हाइपरटेंशन ही होती है। इसी के साथ ही इससे आपको कई शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
विश्व हाइपरटेंशन दिवस क्यों मनाया जाता है?
आजकल के समय में हाइपरटेंशन बहुत आम होता जा रहा है। बुजुर्गों से लेकर युवा में भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या काफी बढ़ती जा रही है। इसका कारण ये है कि लोगों को इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं है। आज करीब 1.13 अरब लोग इस बीमारी की चपेट में है। क्योंकि लोगों को नहीं पता की इस बीमारी का कारण क्या है और इससे बचाव कैसे किया जाता है। इसलिए लोगों को इस बीमारी के प्रभाव और बचाव के बारे में बताने के लिए यानी की लोगों में हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 14 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को जगरूक करने के लिए तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। जहां लोगों को हाइपरटेंशन और इससे बचाव के बारे में बताया जाता है।
विश्व हाइपरटेंशन दिवस का इतिहास क्या है?
विश्व हाइपरटेंशन दिवस की शूरूआत वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग द्वारा की गई थी। पहली बार विश्व हाइपरटेंशन दिवस 14 मई 2005 में मनाया गया था। लेकिन 2006 से प्रतिवर्ष 17 मई को ये दिवस मनाया जाने लगा। इसे एक थीम के साथ मनाया जाता है। 2005 में जब इसकी शुरूआत हुई उस वक्त इसकी थीम "हाइपरटेंशन के बारे में जागरूकता" थी। इस बार हाइपरटेंशन डे 2022 की थीम “Measure your blood pressure accurately, control it, live longer" यानी "अपने रक्तचाप को सही तरीके से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबा जीवन जिएं" है।
अपने लाइफस्टाइल में बदलाव कर हाइपरटेंशन से बचाव कैसे किया जा सकता है?
- हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करने से किसी भी बीमारी से बचाव मुंकिन हैं, इसलिए हेल्दी लाइफ्सटाइल अपनाएं सोने से लेकर जागने और खाने-पीना का अपना एक शेडयूल बनाए। समय पर सोएं और जागें और इसी के साथ ही 8 घंटे की नींद ज़रूर लें
- नमक वाला, मसालेदार और तला भूना खाना खाने से बचें।
- मानसिक तनाव से दूर रहें, यदि तनाव, एंग्जायटी से परेशान हैं तो इन्हें मैनेज करें। किसी एकस्पर्ट से सलाह जरूर लें।
- अपने शरीर को शारीरिक रूप से सक्रिय रख सकते हैं। इसके लिए किसी एकस्पर्ट की सलाह के अनुसार वर्कआउट, योग और व्यायाम अपना सकते हैं। नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से और योग के जरिए आप अपने बल्ड प्रेशन को कंट्रोल कर सकते हैं।
- स्मोकिंग यानी धूम्रपान और ऐल्कोहॉल जैसी आदतों से कई बीमारियों का जोखिम बढ़ता है। इसलिए यदि आप हाइपरटेंशन के मरीज़ है। तो धूम्रपान और ऐल्कोहॉल की आदत तुरंत छोड़ दें।
- पोष्टिक आहार खाएं यदि आपको हाइपरटेंशन की समस्या है तो अपने दिन भर के खानपान में हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी अन्य शामिल करें।
- हाइपरटेंशन की समस्या से निजात पाने के लिए अपने डॉक्टर के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। डॉक्टर के सलाह अनुसार दवाएं लें।
- नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए।
- यदि आपको किसी भी तरह की परेशानी हो रही है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: हमारी वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक या शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। इसे उपयोग में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें। यहां पर दी गई जानकारी का उपयोग अपने जोखिम पर करें।

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