Akshaya Tritiya 2022: इन कारणों से मनाई जाती है अक्षय तृतीया...

अक्षय तृतीया वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। अक्षय तृतीया का त्यौहार 3 मई यानी की आज मनाया जा रहा है। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का अत्यंत महत्व है। अक्षय का अर्थ अविनाशी होता है। अपने नाम के अनुसार ही अक्षय तृतीया का फल कभी न मिटने वाला होता है। मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया पर कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। जिसके लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। मान्यता है कि इस दिन शुभ काम, दान और स्नान आदि करने से अनंत फल प्राप्त होता है। अक्षय तृतीया मनाने के पिछे कई मान्यताएं हैं। आज हम बात करेंगे की अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है। 

1. अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम ने महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका देवी के घर जन्म लिया था।

2. गंगा नदी अक्षय तृतीया के दिन पृथ्वी पर उतरी थी।

3. सनातन धर्म में महाभारत को पांचवे वेद के रूप में माना जाता है। महर्षि वेदव्यास ने अक्षय तृतीया के दिन ही महाभारत लिखने की शुरूआत की थी।

4. आदि शंकराचार्य ने इसी दिन कनकधारा स्त्रोत की रचना की थी।

5. अक्षय तृतीया के दिन  कुबेर ने धन के संरक्षक के रूप में अपना धन और पद प्राप्त किया था।

6. अक्षय तृतीया के दिन माता अन्नपूर्णा देवी प्रकट हुई थी।


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