कोरोना के परिणाम कुछ ऐसे भी...

कोरोना वायरस का असर पूरी दुनिया में नज़र आ रहा है। कोरोना के प्रकोप से भारत समेत कई देशों में लॉकडाऊन है। देश में औद्योगिक सेवाएं बंद होने के कारण देश की आर्थिक स्थिति में काफी नुकसान देखने को मिल रहा है। सभी लोग अपने-अपने घरों में बंद हो कर रह गए है कई लोग जो अपने घरों से दूर है उन्हें कई संकटो का सामना करना पड़ रहा है।
लेकिन जहां लोगो को कई संकटो का सामना करना पड़ रहा है वहीं वातावरण मानों झुम उठा है। लॉकडाउन की वज़ह से सभी अपने घरों में बंद है गाड़ियां पार्किंग में खड़ी है।


औद्योगिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद हैं, फैक्ट्रियां बंद पड़ी है। वहीं इसका कोरोना का साकारात्मक परिणाम पर्यावरण में देखने को मिला है आसमान नीला और साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनो से वायु गुणवत्ता में बहुत सुधार पाया गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air quality index) में जबरदस्त गिरावट मिली है। राजधानी दिल्ली के अधिकतर हिस्सों में भी एयर क्वालिटी इंडेक्स में जबस्दत गिरावट आई है।

दुनिया भर में उद्योग बंद होने से वायुमंडल को नुकसान पहुंचाने वाली गैसों में गिरावट आई है। गाड़ियां लगभग बंद हो गई है जिससे पेट्रोल और डिजल से निकलने वाली जहरीली गैसों में भारी गिरावट आई है। यही कारण है कि महानगरों में प्रदूषण में भारी गिरावट मापी गई है। वायु शुद्ध व आसमान निला व साफ नज़र आ रहा है। यही कारण है कि पंजाब के जलंधर में लोगो को एक अद्भुत द्रश्य देखने को मिला। दरअसल, यहां के लोगो का यह कहना है कि यहां हवा इतनी साफ है कि उन्हें अपने घरों की छत से दूर हिमालय की धौलधार पर्वत श्रृंखला दिखाई दे रही है। कई सालों में पहली बार ऐसे हुआ जब लोगों को यह अद्भुत द्रश्य देखने को मिला। माना जा रहा है कि ऐसा हवा साफ होने के कारण हुआ है। प्रदूषण के चलते पहले कभी ऐसा द्रश्य देखने को नही मिला।

लॉकडाऊन से पर्यावरण को बहुत फ़ायदा हुआ है पिछले कुछ दशकों से पृथ्वी पर हमारी रक्षा कर रही ओजोन परत को जो उद्योगों से नुकसान पहुंच रहा था उसमें कमी आने से इसकी हालत में सुधार आ रहा है।

लॉकडाउन के कारण सभी अपने घरों के अंदर बंद हो गए है। गाड़ीयां पार्किंग में खड़ी हैं जिस कारण सड़के खाली और शांत पड़ी हैं। सड़को पर गाड़ियों का आवाज़ाही लगभग बंद हो गई है सड़के खाली और शांत नज़र आ रही है मानों शहर रुक से गए हो इसी बीच जानवर सड़कों पर घुमते हुए नज़र आ रहे हैं। मानों पक्षु-पक्षी और जंगली जानवर भी खुलकर सांस ले रहें हैं। देश में कई जगह अद्भुत नज़ारे देखने को मिल रहें हैं।

देहरादून में हिरण और बारहसिंघा गलियों में घुमते हुएं नज़र आए वहीं हरिद्वार मे 21 दिन के लॉकडाऊन का असर दिखा, देर रात शिवालिक नगर में खुलेआम सड़को पर हिरण और बारहसिंघा को देखा गया।

तो वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 17 में भी बारहसिंघा को देखा गया। यहां तक की चंड़ीगढ़ के सेक्टर 5 में तेंदुआ दिखने का बाद सरकार ने लोगो को घरों से बाहर ना निकलनें की हिदायत दी।

सड़को पर गाड़ियों की भीड़ कम होने के कारण नोएड़ा के जिआएपी मौल के सामने नील गाय घूमती हुई पाई गई।
ऐसे पहली बार हुआ है कि तट खाली होने के कारण मुंबई में मरीन ड्राइव और मालाबार हिल से दूर पानी में डॉल्फिन दिखाई दी गई। मानवीय गतिविधियां और मछुआरों के कारण वह तट के इतनी निकट कभी नज़र नही आती।

मुंबई के खड़घाट कॉलोनी में लोगो को एक मनमोहीत द्रश्य दिखाई दिया। दरअसल, यहां लगभग एक दर्जन मोर सड़क पर देखे गए, अपने घर के अंदर से यह देखने वालों को यह नज़ारा बहुत अद्भुत लगा। माना जा रहा है कि पक्षी पास के डोंगरवाड़ी जंगल से आए थे।

कोरोना के कहर के कारण ओड़िसा के तट पर भी मछुआरों और टूरिस्ट गतिविधियां ठप पड़ी जिस कारण ओड़िसा तट पर अब कछुओं ने कब्जा कर लिया है दरअसल यहां सात लाख नब्बे हजार ओलिव रिडले कछुए पहुंचे है।

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