कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान दिल्ली के गुरूद्वारों ने किए यह खास प्रबंध!
सारी दुनिया इस समय कोरोना के संकट से गुज़र रही है। संकट की इस स्थिति में लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है खासकर के हमारे देश के मजदूर वर्ग को जो कमाने के लिए अपने-अपने गांव से बड़े-बड़े शहरों में रहने के लिए आतें हैं। उनकी आमदनी तो कुछ ज़्यादा नहीं होती लेकिन रोज दो वक़्त का खाना खाकर अपना पेट भर सके इतनी ही होती है। लेकिन करोना की इस संकट स्थिति में इन्हें सबसे ज़्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लॉकडाउन के कारण जहां रेलवे सर्विस बंद है तो मजदूर पेदल चलकर अपने गांव अपने परिवार के पास जा रहे है। लेकिन दिल्ली सरकार ने मजदूरों के रहने का प्रबंध दिल्ली के सरकारी स्कूलों में किया है।
इस संकट की स्थिति में गुरूद्वारे सबसे आगे आ रहे हैं। दिल्ली के गुरुद्वारा रोजाना राजधानी दिल्ली की सड़को पर भूखे लोगों के लिए और उन मजदूरों के लिए जिन्होनें लॉकडाउन के कारण अपना कमाने के ज़रिया खो दिया है। इन सब के लिए बंगला साहिब की रसोई में एक दिन के अंदर 40,000 तक लोगों के लिए भोजन पक्काया जा रहा है।
इसी के साथ ही दिल्ली के कई ओर गुरुद्वारे भी लंगर की सेवा करने में सबसे आगे आ रहे है। पांडव नगर के सिंह सभा गुरुद्वारे की तरफ से भी गणेश नगर के धोबी घाट पर रोजाना उन लोगो के लिए लंगर लगाया जा रहा है जिनका लॉकडाउन की वज़ह से रोजाना आय का माध्यम रूक गया है। साथ ही सिंह सभा गुरूद्वारे की तरफ से ईस्ट विनोद नगर के सरकारी स्कूल में लंगर का प्रबंध किया जा रहा है यहां लगभग 1500 से 1700 को लोगों के लिए लंगर का प्रबंध किया जा रहा है।
इस संकट की स्थिति में गुरूद्वारे सबसे आगे आ रहे हैं। दिल्ली के गुरुद्वारा रोजाना राजधानी दिल्ली की सड़को पर भूखे लोगों के लिए और उन मजदूरों के लिए जिन्होनें लॉकडाउन के कारण अपना कमाने के ज़रिया खो दिया है। इन सब के लिए बंगला साहिब की रसोई में एक दिन के अंदर 40,000 तक लोगों के लिए भोजन पक्काया जा रहा है।

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