द कारगिल गर्ल पर बन रही है फिल्म जानिए कौन है कारगिल गर्ल?
गुंजन सक्सेना द कारगिल गर्ल पर बन रही बायोपिक का पहला लुक सामने आ गया है। फिल्म के निर्देशक करण जौहर ने फिल्म के पोस्टर को ट्वीट किया है साथ ही इंस्टाग्राम पर पोस्टर शेयर किया है। इसमें जाहनवी कपूर कारगिल गर्ल गुंजन सक्सेना का किरदार निभाती हुई नज़र आ रही हैं। यह फिल्म इंडियन एयरफोर्स की पायलट गुंजन सक्सेना की जीवन पर आधारित है।
करण जौहर ने फिल्म की तीन पोस्टर शेयर किए हैं। जिसमें पहले में जाहनवी कपूर कागज का जहाज हाथ में लेकर भागती हुई नज़र आ रही हैं। इसके साथ ही करण ने लिखा है उसे बताया गया था कि लड़कियां पायलट नहीं बनतीं, लेकिन वो अपनी ज़मीन को मजबूती से पकड़े रही और उड़ना चाहती थी।
अटस साहस और बहादुरी के साथ, मर्दों की दुनिया में उसने अपनी जगह बनाई यह लिखते हुए करण ने फिल्म का एक लुक और पेश किया है जिसमें जाहनवी फाइटर पायलट की वरदी पहने हुए नज़र आ रही हैं और उनके आस-पास खड़े सभी पायलट तालियां बजाते हुए नज़र आ रहे हैं।
अटस साहस और बहादुरी के साथ, मर्दों की दुनिया में उसने अपनी जगह बनाई यह लिखते हुए करण ने फिल्म का एक लुक और पेश किया है जिसमें जाहनवी फाइटर पायलट की वरदी पहने हुए नज़र आ रही हैं और उनके आस-पास खड़े सभी पायलट तालियां बजाते हुए नज़र आ रहे हैं।
फिल्म के तीसरे लुक में पिता और बेटी के प्यार बखूबी दर्शाया गया है। जिसमें जाहनवी अपने पिता से गले मिल रही हैं वहीं लिखा है मेरी बेटी की उड़ान कोई नहीं रोक सकता। करण ने लुक शेयर करते हुए लिख उसकी ताक़त का आधार- उसके पिता। उन्होंने इसे उड़ने के लिए पंख दिए।
फिल्म धर्मा प्रोडक्शन और जी स्टूडियो के बेनर तलें बन रही है। फिल्म में जहानवी के साथ पंकज त्रिपाठी, अंगद बेदी, विनीत कुमार और मानव विज भी नज़र आएंगे। फिल्म 13 मार्च 2020 में रिलीज होगी।
कौन है गुंजन सक्सेना?
गुंजन सक्सेना जिन्हें कारगिल गर्ल के नाम से जाना जाता है भारतीय वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट रह चुकी हैं। 44 साल की गुंजन अब रिटायर हो चुकी हैं। गुंजन को उनके साहस और देशप्रेम के लिए शौर्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। गुंजन सक्सेना वो महिला है जिन्होनें यह साबित कर दिखाया की महिलाएं भी आसमान को छुने का साहस और अपने देश के लिए कुछ कर दिखाने का सासह रखती हैं। आज से 20 साल पहले वायुसेना में महिलाओं को लड़ाकू जेट उड़ाने की अनुमति नहीं थी। अपनी क्षमता को साबित करने का मौका महिलाओं को 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान मिला। उनकी बैच की महिलाओं ने पहली बार भारतीय बायु सेना का विमान उड़ाने का मौका मिका।
कारगिल गर्ल गुजंन सक्सेना और श्री विद्या दोनो ने 1999 में हुए कारगिल युद्ध के दौरान निडर होकर बिना किसी हथियार के छोटा चीता में हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी। वह उस वक्त द्रास और बटालिक की उन ऊंची पहाड़ियों पर हेलीकॉप्टर लेके गई जहां पाकिस्तानी सेनाबल लगातार अंधा-धुन फाइरिंग कर रहें थे। कभी-कभी उनहें मिशन को पूरा करने के लिए कई बार लाइन ऑफ कंट्रोल के बिल्कुल नजदीक जाना पड़ता था जिससे पाकिस्तानी सैनिकों की पोजिशन का पता लगाया जा सके। गुंजन के एयरक्राफ्ट पर मिसाइल भी दागी गई लेकिन निशाना चुक गया और वह बाल-बाल बची। उस समय गुंजन की मुख्य भूमिका युद्ध स्थल पर राशन लेके जाना और घायल सैनिकों को सही सलामत वापिस लाने और उन्हें आस्पताल पहुंचाने की रही।
जब गुंजन हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहीं थी तभी उन्होनें दिल्ली का सफदरगंज फ्लाइंग क्लब ज्वाइन कर लिया था। उस समय उन्कें भाई और पिता भी भारतीय सेना में थे। तभी उन्हें पता चला की भारतीय वायु सेना में पहली बार महिला सेना की भर्ती की जा रही है। यह पता लगते ही उन्होंने SSB परीक्षा पास की और भारतीय वायु सेना में बतौर पायलेट शामिल हुई। गुंजन सक्सेना ने यह साबित कर दिया की महिलाएं भी बहुत कुछ कर सकती हैं। महिलाएं भी फाइटर प्लेन उड़ा सकती हैं। गुंजन ने सभी महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें