जन्माष्टमी की धूम में कान्हा के रंग में रंगा भारत
भारत में जन्माष्टमी यानी श्रीकृष्णा के जन्मदिन को बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी भद्रपद्र माह के कृष्ण पक्ष की आष्टमी तिथि आठवें दिन मनाई जाती है। यह त्यौहार पूरे देश में हर्षो उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन कई लोग उप्वास भी रखते हैं। भारत में तो पहले से ही जन्माष्टमी मनाने की त्यारी शुरू हो जाती हैं। भारत के साथ-साथ दूर देशों में भी यह त्यौहार बहुत धूम-धाम से मनाया जाता है। श्रीकृष्ण की कई सुंदर-सुंदर झांकियां सजाई जाती हैं इन झांकियों के जरिए कृष्णा की जीवन कथाओं को दर्शाते हैं, कृष्णा जी को झूला-झुलाते हैं, मटकी फोड़ने की परंपरा देशभर में जगह-जगह चौराहों पर दही और माक्खन भरी मटकियां लटकाई जाती हैं युवा और बच्चें एक जुट होकर पिरामिड बनाकर इस मटकी को फोड़ते हैं।
देश के हर कोने में लोग जन्माष्टमी का भरपुर आनंद लेते हैं। स्कूल में भी बच्चें श्रीकृष्ण से जुड़े अलग-अलग किरदारों में नज़र आते हैं कुछ कृष्णा, राधा, यशोदा मैया, सुदामा जैसे भिन्न-भिन्न किरदारों में नज़र आते हैं। मंदिरो में जन्माष्टमी बड़ी धूम-धाम से मनाई जाती है कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं मंदिरों को बहुत ही प्यारा सजाया जाता है, भगवानों की मूर्तियों को सुंदर-सुंदर वस्त्र और आभूषण पहनाए जाते हैं, कृष्ण जी से जुड़ी लीला को नाटक के जरिए दर्शाया जाता है। कृष्णा जी को झूला-झुलाते हैं।
बजारों में भी रोनक लगी रहती है बजार को भी काफी सजाया जाता है जगह-जगह कृष्णा के वस्त्र, मूर्तियां और बासुंरी दिखाई देती है। बासुंरी की मधुर धुन जो मन को प्रसन्न कर देती है। छोटे-छोटे बच्चे कृष्णा और राधा बनके धूमते हैं और लोगों का मन मोह लेते हैं। हर गली में युवा और बच्चें मिलकर झाकियां त्यार करते हैं राधा कृष्ण की रासलीला को दर्शाते हैं। राधा-कृष्ण बनके नृत्य करते हैं। जगह-जगह सुंदर झांकियां निकलती नज़र आती हैं। सोशल मीडिया पर भी छोटे-छोटे बच्चों की कान्हा बने कई वीडियों वायरल हो रही हैं। जिसमें बच्चें कान्हा की तरह श्रृंगार कर उनकी तरह लग रहें हैं। कृष्णा के गानों पर कई लोग सोशल मीडिया पर वीडियों बनाकर शेयर कर रहे हैं जैसे माखन चोर कान्हा बनकर माखन खाते हुए, मैया यशोधा के साथ कान्हा का प्यार, गोपियो के साथ कान्हा की मस्ती करते हुए की वीडियो, कान्हा की मूर्ति को त्यार करते हुए उनका श्रृंगार करते हुए की वीडियो बहुत शेयर कर रहे हैं।
श्रीकष्णा का जन्म मथुरा में हुआ था और पालन-पोषण वृंदावन में श्रदालु इस दिन भारी मात्रा में मथुरा और वृंदावन पहुंचते हैं। कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि को हुआ था इसलिए मंदिरों और घरों में लोग रात के 12 बजे मनाते हैं। रात को जन्म को बाद बाल गोपाल को दूध से स्नान कराने के बाद सुंदर नए कपड़े पहनाते हैं और उनका श्रृंगार करते हैं, फिर पालने में रखकर उनकी पूजा करतें है उनहें चरणामृचत, पंजीरी, ताजे फल और पंचमेवा आदि का भोग लगाते हैं।









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