डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की कही बातें जो युवा को प्रेरित करती हैं


देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जिन्हें दुनिया मिसाइल मैन के नाम से जानती है आज उनकी पुण्यतिथि है। आज से ठीक चार साल पहलें उन्होनें दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनका निधन 27 जुलाई 2015 में शिलांग में लेक्चर देते वक्त दिल का दौरा पड़ने से हुआ था। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम देश के 11वें राष्ट्रपति थे। उन्होनें 2002 से 2007 तक राष्ट्रपति के पद पर कार्य किया। राष्ट्रपति पद का कार्यकाल पूरा करने के बाद, उन्होनें लेखन, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा के नागरिक जीवन में कार्य किए। उन्होनें  आईएसआरओ और डीआरडीओ में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया और फिर कैबिनेट मंत्री के रूप में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार बने।

                  
भारत के पूर्व राष्ट्रपति कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 रामेश्वरम में हुआ था। उनका पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम था। कलाम देश की युवा पीढ़ी के लिए कठोर परिश्रम की एक मिसाल हैं। कहा जाता हैं कि उनके घर में बिजली ना होनें की वज़ह से वह बचपन में अपने घर में दीपक जलाके पढ़ते थे। रामेश्वरम के रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर जाकर समाचार पत्र इकट्ठा करते थे फिर कलाम अखबार रामेश्वरम शहर की सड़कों पर बैचा करते थे। वह बचपन से ही आत्मनिर्भर थे। उन्होंने देश को मिसाइल शक्ति दी, परमाणु शक्ति दी, युवाओं को राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित किया। उन्होनें जीवनभर शादी नहीं की और देश सेवा में अपना जीवन बिताया। आब्दुल कलाम बतौर राष्ट्रपति देश में मिसाल पेश करने वाले काम किए।

बुलंद सोच रखने वाले डॉ अब्दुल कलाम ने कई ऐसी बाते कहीं है जो आज भी देश के युवा को प्रेरित करती हैं उनकी कही हर बात हमारें लिए एक प्रेरणा का स्त्रोत है आज अब्दुल कलाम हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए कार्य और उनके द्वारा कही हर बात हमेंशा हमारे बीच में मौजूद है। उनका कहना था कि

सपने वह नहीं होते जो रात में सोते समय नींद में आएं, बल्कि सपने तो वह होते हैं जो रात भर सोने ही नहीं देते।

देश के सबसे अच्छे दिमाग वाले लोग क्लासरूम की आखिरी बेंच पर पाए जा सकते हैं बारिश के दौरान सभी चिड़ियां सुरक्षित रहने के लिए ठिकानें ढूंढती हैं लेकिन चील बरसात को भी मात दे देती है क्योंकि वह बादलों से ऊपर उड़ती है। समस्याएं वही हैं लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि आप उनसे कैसे निपटते हैं।

एक अच्छी पुस्तक हज़ार दोस्तो को बराबर होती है जबकि एक अच्छा दोस्त एक लाइबेरी के बराबर होता हैं।

आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते पर आप अपनी आदते बदल सकते है और निश्चित रूप से आपकी आदते आपका भविष्य बदल देगी।



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