World Music Day 2019: हमारे जीवन पर इस कदर असर डालता है संगीत...

दुनियाभर में 21 जून को विश्व संगीत दिवस मनाया जाता है। संगीत दिवस के अलावा इसे संगीत समारोह के रूप मे भी जाना जाता है। विश्व संगीत दिवस का उद्देशय लोगों को संगीत के प्रति जागरूक करना है।  दुनिया में शायद ही कोई ऐसा इंसान हो जिसे संगीत से प्यार ना हो। बच्चें से लेकर बुढ़े तक संगीत का आंनद लेते है। संगीत हमारे जीवन शैली से ही जुड़ा हुआ है। संगीत हमारी जिंदगी से इस कदर साथ जुड़ा हुआ है की हम चाहे सुख में हो या फिर दुख में संगीत दोनो में ही हमारा साथ देता है। बताया जाता है कि संगीत की वर्ल्ड म्यूजिक डे की शुरूआत 21 जून 1982 को फ्रांस में हुई थी। इस दिन फ्रांस में सार्वजनिक अवकाश होता है। लोगों में संगीत का जादू इस कदर सिर चढ बोलता है कि फ्रांस के लोग इस दिन सड़को पर उतरकर संगीत का अनंद लेते हैं और थिरकते है।

ऐसा माना जाता है कि हर किसी शख्स के साथ अपने पसंद के गीत सुनने के दौरान शरीर के संवेदनशील अंगों में हरकतें होती हैं। मनोवैज्ञानिक का माना है कि संगीत का हमारी सेहत से गहरा संबंध है। संगीत से सेहत पर पड़ने वाले सकारात्मक पहलू को संगीत थैरेपी के नाम से जाना जाता है। संगीत सनुकर दिल को तसल्ली मिलती है। संगीत में जादू जैसा असर होता है। हमें रोजमरा कि जिंदगी मे कई तरह के तनाव होते है जो संगीत सुनने के बाद कम हो जाते है। संगीत से मन और मस्तिष्क दोनो को ही सुकून मिलता है।

पूरी दुनिया ही संगीत से जुड़ी हुई है। प्रकृति संगीत से जुड़ी हुई है जैसे कि चिड़ियों का चहचहाना, बहते पानी का स्वर, और पेड़ो के पत्तो का लहराना, रिमझिम-रिमझिम बारिश की बूंदे सभी का संगीत से संबंध होता है। संगीत के सभी राग हमारी जिंदगी से इस कदर जुड़े होते है कि कुछ संगीत सुनकर हमारी आंखों से आंसू आ जाते हैं और कुछ ऐसे की जिन्हें सुनते ही हमारा मन प्रसंन हो उठता है पैर अपने आप थिरकने लगते है। ऐसे ही श्रीकृष्ण की बांसुरी से निकली धुन इतनी मधुर होती थी कि सीधा लोगों के दिल में उतर जाती थी। संगीत का संबंध भक्ति से भी होता है।

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