2019 लोकसभा चुनाव : क्या भाजपा मेरठ पर अपनी जीत कायम रख पाएगी !

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण शहर मेरठ राजधानी दिल्ली से करीब 70-72 किलोमीटर की दूरी पर है. मेरठ की जनसंख्या लगभाग 13.1 लाख है. पिछले कुछ दशकों से यहां भारतीय जनता पार्टी का राज रहा हैं. मेरठ भरतीय जनता पार्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. साल 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी ने बुलंदशहर से लोकसभा चुनाव अभियान की शुरूआत की थी. वही मोदी सरकार का एक साल पूरा होने पर सहारनपुर में जश्न मनाया गया था.

अगर वही हम मेरठ की तरक्की की बात करे तो मेरठ में अभी तक कुछ खास तरक्की नहीं हुई हैं. लोगो को अब भी उन्हीं मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हैं जिनका सामना वो पिछले कई समय से करते आ रहे हैं. उनकी समस्याओं का अभी तक कोई समाधान नही हुआ हैं, जैसे की रोहता रोड का 2014 में निर्माण शुरू हुआ था जब समाजवाजी सरकार थी लेकिन काम अभी तक पूरा नही हुआ हैं. रोहता रोड पर अभी तक 5 मृत्यू हो चुकी हैं और कम से कम 7 बार टेंपू पल्ट चुके हैं. गोरतलब करनें वाली बात हैं कि मेरठ में आवास विकास परिशद, मेरठ विकास प्रधिकरण, नगर निगम और उत्तर प्रदेश निर्माण जैसे मेहत्वपूर्ण विभाग हैं. जो शहर का विकास करते हैं लेकिन उन विभागों के बनने के बाद भी मेरठ का कुछ खास विकास नही हो पाया हैं. बल्कि इनमें तैनात अधिकारियों ने धोटाले करने के नय-नय तरीके निकाल लिए हैं और धोटाले करके यहां से चले गए. गौर करने वाली बात हैं की 2014 से सांसद राजेंद्र अग्रवाल की सरकार नें अब तक कोई खास काम नही किया हैं जनता की अभी भी वही समस्याएं हैं.

अगर मेरठ के राजनीति इतिहास बात करें तो 1991, 1996 और फिर 1998 में यहां से लगातार भारतीय जनता पार्टी के नेता अमरपाल सिंह ने जीते आ रहे हैं. 1999, 2004 में क्रमश कांग्रेस और बसपा ने यहां से बाजी मारी. हालांकि, 2009 और 2014 में फिर यहां भारतीय जनता पार्टी का परचम लहराया. राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के बैकग्राउंड से आने वाले सांसद राजेंद्र अग्रवाल मेरठ जैसी मुस्लिम बहुल सीट से लगातार दो बार सांसद चुनते आएं हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मेरठ में राजेंद्र अग्रवाल ने स्थानीय नेता मोहम्मद शाहिद अखलाक को दो लाख से अधिक वोटों से मात दी थी. इस सीट पर बॉलीवुड अभिनेत्री नागमा कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ी थी. लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से एक बार फिर से भाजपा से राजेंद्र अग्रवाल और कांग्रेस से हरेंद्र अग्रवाल खड़े है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा की मेरठ की जनता किसको अपना प्रतिनिधित्व चुनती हैं.


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