लोकसभा चुनाव 2019: इस बार भी लखनऊ में अपना परचम लहरा पाएगी बीजेपी !

उत्तर प्रदेश की राजधानी कहे जाने वाले लखनऊ शहर अपनी खास नजाकत और तहजीब वाली बहुसांस्कृतिक खूबी, दशहरी आम के बागों और चिकन की कढ़ाई के काम के लिए मशहूर हैं. गोमती के किनारे बसे लखनऊ को नवाबों का शहर कहा जाता है. माना जाता है कि इसे भगवान राम ने छोटे भाई लक्ष्मण के लिए बसाया था और कुछ लोग इसे लखन पासी के शहर के तौर पर भी जानते हैं.
देश की हाई प्रोफाइल सीट में लखनऊ का भी नाम आता हैं. वर्तमान में इसके लोकसभा के सांसद राज्नाथ सिंह हैं. लखनऊ में कुल 9विधानसभा की सीटें हैं जिनके नाम हैं लखनऊ कैंट, लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तरी, लखनऊ पूर्व, बक्शी का तालाब, मलिहाबाद, सरोजनी नगर और मोहनलालगंज. यहां की अबादी लगभग 45.89 लाख है और औसत साक्षरता दर 77.29% है 77 प्रतिशत आबादी हिंदू और 21प्रतिशत आबादी मुस्लिम की है. साल 2014 के चुनाव में यहां 1949596वोटरों ने हिस्सा लिया था वोट देने वालों में 53 प्रतिशत पुरूष और 46 प्रतिशत महिलाएं थी.
बीजेपी की तरफ से पहले प्रधानमंत्री बनें अटल बिहारी वाजपेयी यहां के चार बार सांसद रह चुके हैं. यहां आजादी के बाद कुल 16बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं. इनमें 6 बार कांग्रेस ने और 6बार बीजेपी ने अपनी जीत दर्ज की हैं. इसके अतिरिक्त जनता दल, भारतीय लोकदल और निर्दलीय ने एक-एक बार जीत दर्ज की है.
साल 1952 में लखनऊ में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस के शिवराजवती नेहरू जीतर पहली बार यहां से सांसद बने.  तबसे कांग्रेस लगातार चार बार जीती आ रही हैं. लेकिन 1967 में हुए चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार आनंद नारायण ने जीत हासिल की. इसके बाद 1971 में फिर एक बार शीला कौल ने कांग्रेस का परचम लहराया और यहां की सांसद के रूप में लोकसभा तक पहुंची.
साल 1977 में आपातकाल के बाद हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय लोकदल के हेमावती नंदन बहुगुण जीतकर संसद पहुंचे. हालांकि 1980 फिर एक बार यहां कांग्रेस की शील कौल ने जीत का परचम लहराया और 1984 के चुनाव में भी तीसरी बार सांसद बनी. 1989 के चुनाव में यहां से जनता दल के मानधात सिंह ने जीत हासिल की.
 1991 में बीजेपी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने लखनऊ से जीत का ऐसा सिलसिला ऐसा शुरू किया की कांग्रेस यहां पर अभी तक वापसी नही कर पाई. पिछले सात लोकसभा चुनाव से यहां बीजेपी लगातार जीत दर्ज कर रही है. अटल बिहारी लगातार पांच बार यहां से सांसद चुने गए. साल 2009 के चुनान में यहां से बीजेपी के लालजी टंडन ने जीच दर्ज करी. इसके बाद साल 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह पहली बार खड़े हुए और कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी के 2लाख 72 हजार 743 वोटों से करारी मात देकर जीत हासिल की थी. जिसमें कांग्रेस की रीता बहुगुण जोशी को 2,88,357 वोट मिले बसपा की निखल दूबे को 64,449 वोट मिले सपा के अभिषेत मिश्रा को 56, 711वोट मिले और बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने 2,88,357 वोटो से अपनी जीत हासिल की थी. राजनाथ सिंह साल 2000 से 2002 तक यूपी के मुख्यमंत्री का पद भी संभाल चुके हैं.
साल 2019 के लोकसभा चुनाव अब नजदिक हैं अब यह देखना दिलचस्प होगा की क्या भाजपा अपनी इस सालो की जीत को बरकरार रख पाती है या फिर इस बार कांग्रेस बाजी मारनें में कामयाब होती है.

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