लोकसभा चुनाव 2019 : क्या आठवी बार अपनी जीत कायम रख पाएंगे संतोष गंगवार !
उत्तर-प्रदेश बरेली लोकसभा सीट जहां इस वक्त भाजपा का कब्जा हैं. बरेली लोकसभा सीट शुरू से ही चर्चीत रही हैं. बरेली उत्तर-प्रदेश का 8वां और भारत का 50वां सबसे बड़ा शहर हैं. यह शहर प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना 100 स्मार्ट शहरों में से एक है. बरेली जिले में सात भगवान शिव के मंदिर हैं, इसलिए जिले को नाथ नगरी भी कहा जाता हैं.
बरेली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत 5विधनसभा क्षेत्र आते हैं जिनका नाम हैं मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, बरेली और बरेली छावनी. 2017 के विधानसभा चुनाव में इन सभी 5सीटों पर बीजेपी का ही कब्जा रहा था. बरेली लोकसभा सीट पर वैश्य, दलित और मुस्लिम वोटरों का वर्चस्व रहा है. बरेली की जनसंख्या लगभग 4448359हैं. साथ ही साक्षरता दर तकरीबन 58.49 प्रतिशत हैं.
1952, 1957 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की. लेकिन 1962 और 1967 के चुनाव में यहां कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा और भारतीय जनसंघ ने यहां जीत दर्ज की. हालांकि, उसके बाद हुए तीन चुनाव में से दो बार कांग्रेस चुनाव जीती. 1989 के चुनाव में यहां बीजेपी की ओर से संतोष गंगवार जीते, जिसके बाद तो उन्होंने इस क्षेत्र को अपना गढ़ बना लिया. 1989 से लेकर 2004 तक लगातार 6बार संतोष गंगवार यहां से चुनाव जीते. हालांकि, 2009 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2014 में एक बार फिर वह बड़े अंतर से जीत कर लौटे.
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां समूचे उत्तर प्रदेश की तरह मोदी लहर का असर दिखा था. बीजेपी के संतोष गंगवार को इस सीट पर 50 फीसदी से अधिक वोट प्राप्त हुआ था. जबकि दूसरे नंबर पर रहे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को सिर्फ 27फीसदी वोट मिले थे. 2014 के चुनाव में यहां कुल 61फीसदी मतदान हुआ था, इनमें से 6700 वोट NOTA में गए थे.
वर्तमान सांसद संतोष गंगवार इस क्षेत्र के दिग्गज नेता रहे हैं. वह यहां से सात बार सांसद चुने गए हैं, जिनमें से 6 बार तो उन्होंने लगातार चुनाव जीता था. संतोष गंगवार अभी केंद्र सरकार में मंत्री हैं और कई कमेटियों का हिस्सा भी हैं. संतोष गंगवार की यहां पर काफी अच्छी छवी रही हैं. साल 2014 के चुनाव नजदीक है अब यह देखने दिलचस्प होगा की जनता किसको अपनी प्रतिनिधित्व चुनती हैं. बरेली में किस पार्टी का परचम लहराता हैं

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